ApnaMunshi मुफ़्त में शुरू होता है, और ज़्यादातर दुकानों के लिए मुफ़्त में ही चलता रहता है। फिर भी सीमा है, और वह साफ़ होनी चाहिए। यह रहा पूरा हिसाब।
हर हफ़्ते कुछ मैसेज मुफ़्त
इसके लिए कोई पैसा नहीं लगता, कोई कार्ड नहीं जुड़ता। यह संख्या मुंशी की सेटिंग से सीधे यहाँ आती है, इसलिए जो यहाँ लिखा है वही बॉट मानता है।
कौन से मैसेज गिने जाते हैं
- सिर्फ़ आपके भेजे हुए मैसेज। मुंशी के जवाब नहीं गिने जाते।
- लिखा हुआ और voice note, दोनों एक-एक गिने जाते हैं।
- "haan" भी एक मैसेज है। इसलिए एक लाइन में पूरी बात बोलिए, ताकि एंट्री पहली बार में सही बने।
- WhatsApp और वेब चैट की गिनती एक ही है, क्योंकि खाता एक ही है।
गिनती कब नई होती है
हर हफ़्ते की गिनती उस दिन से चलती है जिस दिन आपने मुंशी को पहला मैसेज भेजा था, और अगला हफ़्ते उसी दिन रात बारह बजे शुरू होता है। किसी का सोमवार, किसी का गुरुवार।
सीमा पूरी होने पर क्या होता है
- मुंशी एक मैसेज में बताता है कि इस हफ़्ते की सीमा पूरी हो गई, और एक छोटे फ़ीडबैक फ़ॉर्म का लिंक भेजता है।
- आपका खाता जस का तस रहता है। कोई एंट्री नहीं हटती, कोई बाकी नहीं बदलता।
- फ़ॉर्म दो मिनट का है। भरते ही कुछ मैसेज और मिलते हैं, उसी हफ़्ते में, तुरंत। मुंशी WhatsApp पर पक्का करता है।
- यह हर हफ़्ते एक बार मिलता है। अगले हफ़्ते गिनती वैसे भी नई हो जाती है।
मैसेज बचाने के तीन तरीके
- एक मैसेज में पूरी एंट्री: नाम, रकम, काम। "Ramesh ko 200 udhaar" एक मैसेज, "haan" दूसरा। बस दो।
- दो-तीन बातें एक साथ: "Ramesh ko 200 udhaar aur Mohan ne 100 jama kiye"। मुंशी दोनों पढ़ लेता है।
- सवाल भी जोड़ कर पूछिए: "Ramesh ka baaki aur aaj ki sale batao" एक मैसेज में दो जवाब।
सुझाव: सीमा के पास पहुँच रहे हों तो "sabka udhaar dikhao" जैसी पूरी लिस्ट एक बार माँग लीजिए, एक-एक नाम पूछने के बजाय।
ख़ुद आज़मा कर देखिए
WhatsApp पर मुंशी को एक लाइन लिखिए। न ऐप, न फ़ॉर्म, पहली एंट्री अभी।
